बच्चन साब, माना की केबीसी का वो प्रश्न पढना स्क्रिप्ट का भाग था लेकीन आप शिवाजी महाराज का उल्लेख खुद छत्रपती शिवाजी महाराज बोलके कर सकते थे. आपका नाम हम जहाँ कही पढते है तो उससे पहले हम महानायक लगाके बोलते है. माना की शेक्सपियर ने कहा है की नाम मे क्या है ? लेकीन नाम से पेहले जो होता है उसी मे सब कुछ होता है. शायद ये सोनी वालो को पता नहीं होगा. सबसे पहले तो ये प्रश्न जीस किसीने बनाया उसके दिमाग मे छत्रपती शिवाजी महाराज का ईतिहास खाली है. ये प्रश्न बनाते समय सोनी टीव्ही के उस लेखकने जानबुचकर महाराज का नाम छत्रपती के बिना लिख दिया. जरूर ये ऊस औरंगजेबकी नाजायज औलाद होगा.

‌बोहोत कम सामग्री होते हुये और कम मनुष्यबल के सहारे सिर्फ अपने बहादुरी के दम पर शिवाजी महाराज छत्रपती बने. जो कोई महाराज का इतिहास पढता है उसके मुह से शिवाजी से पहले छत्रपती खुद ब खुद निकल जाता है. सोनी टीव्ही के बाकी कार्यक्रमोसे हमे कोई ऐतराज नही बस्स केबीसी के डायरेक्टर और सभी टिम ने इस गलती की माफी मांगणी चाहिए. अरे सोनी वालो एक करोड रुपये के खेल मे करोडो लोगोंके दिल पे अधिराज्य करनेवाले राजाधिराज छत्रपती शिवाजी महाराज का ऐसा अनुल्लेख हम कभी बरदाश्त नही कर सकते.

(टिप – ये हिंदी चॅनल वाले मराठी सुनते और पढते कम है इसलिये आज हिंदी मे लिखनेका प्रयास किया. क्योंकी उन तक ये बात पहुंचे.)

वक्ता एवं लेखक : विशाल गरड
तारीख : 8 नवम्बर 2019